ABDM क्या है? अस्पतालों और क्लीनिकों के लिए आसान गाइड
ABHA, HPR, HFR, सहमति और M1 से M3 तक के माइलस्टोन, आसान भाषा में।
ABDM यानी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, भारत सरकार का कार्यक्रम है जो देश के अस्पतालों, क्लीनिकों और लैब को डिजिटल रूप से जोड़ता है, ताकि मरीज़ का रिकॉर्ड एक जगह से दूसरी जगह उसके साथ जा सके। इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) चलाता है। यहाँ जानिए इसके हिस्से क्या हैं और आपके अस्पताल के लिए इसका क्या मतलब है। (English: What is ABDM?)
ABDM के मुख्य हिस्से
ABHA: मरीज़ की हेल्थ आईडी
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) 14 अंकों का एक नंबर है, जिससे पूरे स्वास्थ्य तंत्र में मरीज़ की पहचान होती है। हर मरीज़ का एक ABHA एड्रेस भी हो सकता है, जो उसके हेल्थ रिकॉर्ड के लिए ईमेल एड्रेस जैसा काम करता है। मरीज़ खुद ABHA बना सकते हैं, या रजिस्ट्रेशन के समय आपका फ्रंट डेस्क इसे बना या वेरिफ़ाई कर सकता है।
HPR और HFR: कौन और कहाँ
हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) में सत्यापित डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी दर्ज होते हैं। हेल्थ फ़ैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में सत्यापित अस्पताल, क्लीनिक, लैब और फ़ार्मेसी दर्ज होती हैं। अपने डॉक्टरों और अस्पताल को इनमें दर्ज करवाने से ABDM जान पाता है कि रिकॉर्ड कौन बना रहा है और कौन माँग रहा है।
सहमति (consent) और हेल्थ इन्फ़ॉर्मेशन एक्सचेंज
रिकॉर्ड किसी एक केंद्रीय डेटाबेस में नहीं रखे जाते। वे उसी अस्पताल के पास रहते हैं जिसने उन्हें बनाया, और तभी आगे जाते हैं जब मरीज़ अपने हेल्थ रिकॉर्ड ऐप में अनुरोध को मंज़ूरी देता है। यह मंज़ूरी और रिकॉर्ड का आदान-प्रदान कंसेंट मैनेजर संभालता है।
हेल्थ रिकॉर्ड ऐप
मरीज़ एक पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड ऐप में अपना ABHA रखते हैं, देखते हैं कि किन अस्पतालों के पास उनके रिकॉर्ड हैं, और रिकॉर्ड साझा करने के अनुरोध को मंज़ूर या नामंज़ूर करते हैं।
ABDM में अस्पताल की भूमिका
- हेल्थ इन्फ़ॉर्मेशन प्रोवाइडर (HIP): अस्पताल रिकॉर्ड बनाता है, उन्हें मरीज़ के ABHA से जोड़ता है, और मरीज़ की सहमति मिलने पर साझा करता है।
- हेल्थ इन्फ़ॉर्मेशन यूज़र (HIU): अस्पताल किसी दूसरी जगह रखे रिकॉर्ड माँगता है, जैसे रेफ़र होकर आए मरीज़ के लिए, और सहमति मिलने पर उन्हें पाता है।
ABDM से जुड़े सॉफ़्टवेयर को आम तौर पर तीन माइलस्टोन में बताया जाता है:
- M1: ABHA बनाना और वेरिफ़ाई करना, और रजिस्ट्रेशन में उसका इस्तेमाल।
- M2: HIP के रूप में काम: रिकॉर्ड ABHA से जोड़ना और सहमति पर साझा करना।
- M3: HIU के रूप में काम: सहमति के साथ दूसरे अस्पतालों से रिकॉर्ड माँगना।
फ्रंट डेस्क पर क्या बदलता है
- स्कैन से रजिस्ट्रेशन। Scan & Share से मरीज़ काउंटर का QR कोड अपने ऐप से स्कैन करता है और उसकी जानकारी रजिस्ट्रेशन में आ जाती है। फ़ॉर्म नहीं, छोटी लाइन।
- कम दोहराई जाने वाली जाँचें। सहमति मिलने पर डॉक्टर दूसरी जगह की पुरानी रिपोर्ट देख सकते हैं।
- मरीज़ के पास अपने रिकॉर्ड। डिस्चार्ज समरी, पर्चे और रिपोर्ट मरीज़ के ABHA से जुड़ सकती हैं, इसलिए वे कागज़ की फ़ाइल में खोती नहीं।
क्या ABDM ज़रूरी है?
मरीज़ों के लिए ABHA बनवाना स्वैच्छिक है। अस्पतालों के लिए नियम आपके राज्य और उन योजनाओं पर निर्भर करते हैं जिनसे आप जुड़े हैं, और ये बदल रहे हैं। NHA समय-समय पर डिजिटल स्वास्थ्य लेन-देन के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ भी चलाता है। ताज़ा नियम आधिकारिक ABDM वेबसाइट abdm.gov.in और अपनी योजनाओं से जाँच लें।
शुरुआत कैसे करें
- अपने अस्पताल को HFR में और डॉक्टरों को HPR में दर्ज करवाएँ।
- ऐसा सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करें जो ABDM से जुड़ा हो, ताकि ABHA, लिंकिंग और सहमति रोज़ के काम का हिस्सा हों।
- फ्रंट डेस्क को हर मरीज़ से ABHA पूछना, या बनाने में मदद करना सिखाएँ।
Carexa OS में ABDM
Carexa OS को ABDM के लिए बनाया गया है। ABHA बनाना और वेरिफ़ाई करना, Scan & Share रजिस्ट्रेशन, रिकॉर्ड को ABHA से जोड़ना, सहमति पर रिकॉर्ड साझा करना और HPR व HFR लुकअप रोज़ के काम का हिस्सा हैं, कोई अलग मॉड्यूल नहीं। Carexa OS की स्क्रीन हिंदी समेत सात भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी में उपलब्ध हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए ABDM software for hospitals देखें, या डेमो बुक करें।